कैल्शियम की कमी के लक्षण और घरेलु इलाज

आमतौर पर हम सभी कैल्शियम को सिर्फ मजबूत हड्डियों के लिए जानते हैं, लेकिन असल में बॉडी में इस मिनरल की कमी के कारण कई सीरियस हेल्थ प्रॉब्लम्स हो सकती हैं। एक्सपर्ट्स का कहना है कि यूरिन के जरिए बॉडी से ज्यादा कैल्शियम निकल जाने या फिर डाइट में कैल्शियम की कमी होने से हायपोकैल्सेमिया नामक बीमारी हो सकती है। इससे बाल झड़ने से लेकर नाखून टूटने जैसी कई तरह की प्रॉब्लम्स हो सकती हैं।

कैल्शियम हमारे लिए बहुत जरूरी है खासकर हड्डियों, मांसपेशियों और दांतों की मजबूती के लिए। इसके लिए शरीर में कुछ एंजाइम और हॉर्मोंन होते हैं जिनके विकास के लिए भी कैल्शियम बहुत जरूरी होता है।

कैल्शियम की कमी के लक्षण:

मसल क्रैम्प : होमोग्लोबिन और पानी की उचित मात्रा लेने के बावजूद अगर आप नियमित रूप से मसल क्रैम्प का सामना कर रहे हैं तो यह कैल्शियम की कमी का संकेत हैं.

लो बोन डेनसिटी: जैसे-जैसे उम्र बढ़ती है कैल्शियम हड्डियों की मिनरलेजाईशन के लिए जरूरी होता है. कैल्शियम की कमी सीधे हमारी हड्डियों की सेहत पर असर करती है और ओस्टियोपोरोसिस और फ्रैक्च र का खतरा बढ़ा सकती है.

कमजोर नाखून: नाखून के मजबूत बने रहने के लिए कैल्शियम की जरूरत होती है, उसकी कमी से वह भुरभुरे और कमजोर हो सकते हैं.

दांत में दर्द: हमारे शरीर का 90 प्रतिशत कैल्शियम दांतों और हड्डियों में जमा होता है उसकी कमी से दांतों और हड्डियों का नुकसान हो सकता है.

मासिक धर्म दर्द: कैल्शियम की कमी वाली महिलाओं को मासिक धर्म के दौरान काफी तीव्र दर्द हो सकता है, क्योंकि मांसपेशियों के काम करने में कैल्शियम अहम भूमिका निभाता है.

एम्यूनिटी में कमी: कैल्शियम सेहतमंद रोग प्रतिरोधक क्षमता बना के रखता है. कैल्शियम में कमी पैथगॉन अटैक से जूझने की क्षमता कम कर देता है.

नाड़ी की समस्याएं: कैल्शियम कमी से न्योरोलॉजिकल समस्याएं जैसे कि सिर पर दबाव की वजह से सीजर और सिरदर्द हो सकता है. इसकी कमी से डिप्रेशन, इनसोमेनिया, पर्सनैल्टिी में बदलाव और डेम्निशिया भी हो सकता है.

धड़कन: कैल्शियम दिल के बेहतर काम करने के लिए आवश्यक है और कमी होने पर हमारे दिल की धड़कन बढ़ सकती है और बेचैनी हो सकती है. कैल्शियम दिल को रक्त पंप करने में मदद करता है.


ये हैं कैल्शियम रिच फूड आइटम्स

  • कैल्शियम का सबसे अच्छा सोर्स दूध को माना जाता है। इसलिए कहा भी जाता है कि नियमित रूप से दूध का सेवन करना चाहिए। एक गिलास दूध में करीब 300 ग्राम कैल्शियम होता है। अगर दूध स्किप हुआ तो समझ सकते हैं कि शरीर में कितने कैल्शियम की कमी हो जाएगी। दांतों के टूटने या गिरने, हड्डियों के कमजोर होने का कारण कैल्शियम की कमी ही है।
  • दूध से बने उत्पाद जैसे कि पनीर और दही में भी खूब कैल्शियम पाया जाता है इसलिए नियमित रूप से इन्हें भी अपने खाने में शामिल करें। दही से ना सिर्फ कैल्शियम मिलता है बल्कि यह हमारे शरीर को इन्फेक्शन से भी बचाती है।
  • चीज (cheese) भी कैल्शियम से भरपूर होती है, इसलिए इसे रोजाना खाएं, लेकिन ध्यान रहे इसकी मात्रा सीमित रखें वरना चर्बी बढ़ सकती है। जानकारी के लिए बता दें कि हर तरह के चीज कैल्शियम से भरपूर होते हैं, इसलिए आप जो चाहें चीज का वो फॉर्म खा सकते हैं।
  • रागी में भी भरपूर मात्रा में कैल्शियम पाया जाता है। यह हड्डियों को कमजोर होने से बचाता है।
  • टमाटर में विटामिन K होता है और ये कैल्शियम का भी अच्छा सोर्स होता है। इसलिए रोजाना टमाटर को अपनी डाइट में शामिल करें। टमाटर हड्डियों को तो मजबूत बनाता है साथ ही शरीर में कैल्शियम की कमी को भी पूरी करता है।
  • अंजीर को भी कैल्शियम का अच्छा सोर्स माना जाता है। इसके नियमित सेवन से हड्डियों से संबंधित बीमारियां तो दूर भागती ही हैं साथ ही यह हड्डियों का विकास भी करता है। दरअसल अंजीर में Phosphorus भी होता है और यही तत्व हड्डियों का विकास करता है।
  • शायद ही लोग जानते हों लेकिन तिल में काफी अच्छी मात्रा में कैल्शियम पाया जाता है। कैल्शियम में प्रोटीन भी होता है।
  • सोयाबीनको भला कैसे भूला जा सकता है। सोयाबीन में दूध के बराबर ही कैल्शियम होता है इसलिए इसे दूध के subsitiute के तौर पर भी इस्तेमाल किया जाता है यानि जो लोग दूध नहीं पीते अगर वो रोजाना सोयाबीन का सेवन करें तो उनकी हड्डियां कमजोर नहीं होंगी।
  • संतरा और आंवला भी calcium rich foods हैं। इनमें मौजूद तत्व ना सिर्फ हड्डियों को मजबूत बनाते हैं बल्कि शरीर की प्रतिरोधक क्षमता को भी बढ़ाते हैं।
  • ब्रोकली..यह एक ऐसी सब्जी है जिसे बच्चों से लेकर बड़े-बुजर्ग और महिला-पुरुष सभी को खानी चाहिए क्योंकि दूध और सोयाबीन के बाद अगर किसी पदार्थ में सबसे ज्यादा कैल्शियम है तो वो ब्रोकली ही है। कैल्शियम के अलावा इसमें और भी तत्व होते हैं जैसे कि zinc, phosphorus, dietary fiber, pantothenic acid, vitamin B6, vitamin E, manganese, choline, vitamin B1 और कैरोटीन की फॉर्म में vitamin A भी मौजूद होता है।
  • हरी सब्जियां भी कैल्शियम से भरपूर होती हैं और रोजाना इनका सेवन करेंगे तो शरीर में कैल्शियम की कमी नहीं रहेगी। हरी सब्जियों के सेवन से ना सिर्फ हड्डियां मजबूत होंगी और उनका विकास होगा बल्कि इससे आप खुद को कैंसर जैसी गंभीर बीमारी से भी बचा पाएंगे।
  • हर तरह के Sea foods में कैल्शियम होता है। Oyster में काफी कैल्शियम होता है और इसका सेवन महिलाओं के लिए बहुत जरूरी है।



  • हर तरह के Sea foods में कैल्शियम होता है। Oyster में काफी कैल्शियम होता है और इसका सेवन महिलाओं के लिए बहुत जरूरी है।
  • बादाम कैल्शियम का रिच सोर्स है। बादाम सिर्फ दिमाग को ही तेज नहीं करता बल्कि हड्डियों और दांतों को भी मजबूत बनाता है और मांसपेशियों को भी तंदरुस्त रखता है।
  • कीवी, नारियल, आम, जायफल, अनानास और सीताफल में खूब कैल्शियम होता है।
  • मुनक्का, बादाम, तरबूज के बीच, पिस्ता और अखरोट कैल्शियम से भरपूर ड्राय फ्रूट हैं।
  • लोग इस बारे में नहीं जानते होंगे लेकिन कुछ मसाले हैं जिनमें खूब कैल्शियम होता है और अगर नियमित रूप से इनका सेवन किया जाए तो कैल्शियम की कमी दूर की जा सकती है। जीरा, लौंग, काली मिर्च और अजवाइन…ये कैल्शियम रिच मसाले हैं।
  • उसी तरह दालों की अगर बात की जाए तो राजमा, मोठ, छोले और मूंग दाल में भी खूब कैल्शियम पाया जाता है। बाजरा, गेंहू और रागी भी कैल्शियम रिच फूड हैं।




Source :

Bhaskar

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