वेरिकोज वेन का कारण, लक्षण और इसे जड़ से खत्म करने का उपाय

वेरिकोज वेन का कारण, लक्षण और इसे जड़ से खत्म करने का चमत्कारी उपाय

  • जब हाथ की नसे ( शिराएं ) फूल जाती हैं तो इसमें दर्द उत्पन्न होता है। यह शिराओं में अवरोध होने से होता है। इसको शिरो, ब्रह्म, सुषुम्ना नाड़ी, चक्रवात वाहिनी, स्नायु वात बस्ती और वात कुंडलिका आदि नामों से जाना जाता है। वेरीकोज़ वेन अर्थात पैरों की पिण्ड़लियों के पीछे नसो का गुच्छा बन जाना जो देखने में तो बहुत खराब लगता ही है साथ ही साथ रोगी को पैरों में खिंचाव और दर्द की भी अनूभूति देता है।

वेरिकोज वेन के होने के मुख्य कारण :

  1. शारीरिक श्रम की कमी
  2. अचानक से शरीर में होने वाले हार्मोन परिवर्तन
  3. उम्र का बढ़ना
  4. आनुवांशिक




  • वेरिकोज वेन के लिए घरेलू उपाय : 
  1. मेथी : 5 से 10 ग्राम मेथी के बीज सुबह-शाम गुड़ के साथ मिलाकर सेवन करने से लाभ मिलता है और हाथ की नड़ी (शिरा) अपने जगह पर ठीक रहती है। रोगी की शिराओं को फूलने से रोकने के लिए मेथी को पीसकर उसका लेप शिराओं पर लगाकर उसको कपड़े से बांध दें।
  2. गोरवा (एकसिरा) :  गोरवा (एकसिरा) का फल कमर में बांधने से शिरास्फिति में लाभ मिलता है। इसका प्रयोग रोजाना करने से शिरा का फूलना बन्द हो जाता है।
  3. लाजवन्ती :  लाजवन्ती को पीसकर बांधने से शिरास्फीति के रोग में लाभ मिलता है।
  4. कटकरंज :  कटकरंज के बीजों का चूर्ण एरण्ड के पत्ते पर डालकर शिरास्फिति पर बांधने से शिरा के रोगी का रोग दूर हो जाता है।
  • आवश्यक सामग्री : 
  1. 1/2 कप एलोवेरा का गूदा
  2. 1/2 कप कटी हुयी गाजर
  3. 10 ml सेब का सिरका



  • बनाने विधी :  
  • मिक्सी में उपरोक्त तीनों सामानों को एकसाथ ड़ालकर अच्छे से पीसकर पेस्ट तैयार कर लें।
  • प्रयोग विधी : 
  • वेरीकोज वेन वाले हिस्से पर इस पेस्ट को फैलाकर, सूती कपड़े से बहुत ही हल्की पट्टी बाँध दें । अब एक सीधी जगह पर पीठ के बल लेट जायें और पैरों को शरीर के तल से लगभग एक-सवा फुट ऊपर उठाकर किसी सहारे से टिका लें। इस अवस्था में लगभग तीस मिनट तक लेटे रहें। यह प्रयोग रोज तीन बार करना है।
  • वेरिकोज वेन में भोजन तथा परहेज :
  • शिरास्फिति के रोगी को खाने में बेसन की रोटी और घी का प्रयोग करें। इससे रोगी के रोग ठीक करने में सहायता मिलती है।
  • कृपया ध्यान रखें :
  • यह बहुत धीरे ठीक होने वाला रोग है अत: सयंम के साथ इस प्रयोग का पालन करें लगभग चार से छः सप्ताहों में प्रयोगकर्ताओं नें लाभ होने की बात कही है।

 

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